मोहनलालगंज।लखनऊ,मोहनलालगंज तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में सिसेंडी गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से तहसील दिवस प्रभारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनकी लगभग पचास वर्षों से चली आ रही भूमि पर कब्जेदारी को फर्जी बताते हुए उपजिलाधिकारी न्यायालय, मोहनलालगंज में धारा 134 के तहत कब्जा एवं बेदखली का वाद दायर किया गया है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर फर्जी वाद निरस्त कराने तथा दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों के अनुसार, जसवीर सिंह पुत्र बलवंत सिंह, निवासी 107-ए नंदा फार्म, फैजुल्लागंज, लखनऊ ने उपजिलाधिकारी न्यायालय, मोहनलालगंज में मुकदमा संख्या T202610460325763 जसवीर सिंह बनाम हरशरण सिंह आदि के नाम से वाद दायर किया है। उनका आरोप है कि यह वाद तथ्यों के विपरीत और फर्जी आधार पर दाखिल किया गया है।शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 1979 में उन्होंने उक्त भूमि तत्कालीन स्वामी बलवंत सिंह पुत्र पंजाब सिंह से विधिवत क्रय की थी। तभी से सभी लोग अपने-अपने हिस्से की भूमि पर मकान और दुकान बनाकर शांतिपूर्वक रह रहे हैं। उनका दावा है कि लगभग पचास वर्षों से उनका लगातार कब्जा बना हुआ है और विक्रेता बलवंत सिंह के जीवनकाल में ही अधिकांश निर्माण कार्य हो चुके थे। उन्होंने कभी इस पर कोई आपत्ति नहीं की। बलवंत सिंह का निधन वर्ष 2002 के आसपास हो गया था।ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इसी भूमि विवाद को लेकर जसवीर सिंह ने बीते 29 दिसंबर 2025 को मोहनलालगंज थाने मेंलिखित शिकायत की थी, जिसमें सभी पक्षों के बयान दर्ज किए गए थे। इसके बावजूद करीब एक वर्ष बाद फिर से शिकायत देकर तथा न्यायालय में वाद दायर कर उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि न्यायालय में दायर वाद में कई व्यक्तियों के नाम गलत दर्ज किए गए हैं। उनका कहना है कि तीन मृत व्यक्तियों को भी पक्षकार बनाकर नोटिस जारी कर दी गई है, जबकि कुछ अन्य लोगों के नाम और विवरण भी गलत तरीके से अंकित किए गए हैं।ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि वाद में लगाए गए आरोप असत्य पाए जाएं तो फर्जी वाद के माध्यम से किए जा रहे उत्पीड़न पर रोक लगाते हुए नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाए।इस संबंध में उपजिलाधिकारी पवन पटेल ने शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
