निगोहां पुलिस की काउंसलिंग से बिखरता परिवार फिर हुआ एक ऑपरेशन ‘किरण’ के तहत पति-पत्नी ने भुलाए गिले-शिकवे…….
निगोहां।लखनऊ,शराब की लत के कारण टूटने की कगार पर पहुंचा एक परिवार निगोहां पुलिस की संवेदनशील पहल और काउंसलिंग से फिर से एक हो गया। उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन ‘किरण’ के तहत निगोहां थाने में पति-पत्नी की काउंसलिंग कराई गई, जिसके बाद पति ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए पत्नी से भावुक होकर कहा, “बस अब घर चलो… मैं जीवन में कभी शराब नहीं पीऊंगा और तुम्हें किसी भी तरह की तकलीफ नहीं दूंगा।” पति के इस वादे और पुलिस की समझाइश के बाद पत्नी भी उसके साथ घर लौटने के लिए तैयार हो गई। दोनों ने आपसी मतभेद भुलाकर नए सिरे से वैवाहिक जीवन शुरू करने का संकल्प लिया।
जानकारी के अनुसार, निगोहा के अकबरपुर बैनीगंज निवासी देवकली अपने पति मनोज रावत, निवासी सोहरामऊ जनपद उन्नाव, के शराब पीकर आए दिन किए जाने वाले झगड़े, गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार से परेशान थीं। लगातार विवाद बढ़ने पर करीब 20 दिनों पहले वह अपने मायके आकर रहने लगी थीं। इसी दौरान मनोज दहेज में मिली मोटरसाइकिल भी मायके के दरवाजे पर छोड़कर चला गया था, जिससे दोनों परिवारों के बीच तनाव और बढ़ गया।
जब स्थिति बिगड़ती चली गई तो देवकली न्याय की उम्मीद लेकर निगोहां थाने पहुंचीं और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पुलिस ने इसे केवल कानूनी विवाद न मानकर एक परिवार को बचाने का प्रयास किया। ऑपरेशन ‘किरण’ के तहत पति और पत्नी दोनों को थाने बुलाया गया। पुलिस ने दोनों की अलग-अलग और फिर संयुक्त रूप से काउंसलिंग की।काउंसलिंग के दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक समझाया और वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारियों तथा परिवार की अहमियत के बारे में बताया। बातचीत के दौरान मनोज को अपनी गलतियों का एहसास हुआ। उसने पत्नी और परिजनों के सामने शराब छोड़ने की कसम खाते हुए कहा कि वह अब कभी शराब को हाथ नहीं लगाएगा और पत्नी को सम्मान के साथ रखेगा।पति की बातों में आए बदलाव और उसके पश्चाताप को देखकर देवकली का मन भी बदल गया। उन्होंने पुराने विवादों को भुलाकर पति के साथ रहने की सहमति दे दी। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया और मुस्कुराते हुए अपने घर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और परिजनों ने भी राहत की सांस ली।थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि ऑपरेशन ‘किरण’ का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि संवाद और काउंसलिंग के माध्यम से टूटते परिवारों को जोड़ना भी है। उन्होंने कहा, “जहां भी पारिवारिक विवाद बातचीत और आपसी सहमति से सुलझाए जा सकते हैं, वहां पुलिस पूरी संवेदनशीलता के साथ दोनों पक्षों की काउंसलिंग कर समाधान कराने का प्रयास करती है। इस मामले में भी पति ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए शराब छोड़ने का संकल्प लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों की सहमति से परिवार को दोबारा एक किया गया। भविष्य में भी ऑपरेशन ‘किरण’ के तहत ऐसे मामलों का मानवीय दृष्टिकोण से समाधान कराया जाता रहेगा।”
स्थानीय लोगों ने भी निगोहां पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस का यह मानवीय प्रयास समाज में परिवारों को टूटने से बचाने और रिश्तों में विश्वास कायम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
