निगोहां। लखनऊ,कई बार छोटी-सी नाराजगी पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल देती है। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को निगोहां कस्बे में सामने आया, जहां रायबरेली जनपद की एक किशोरी घर में रखे पचास रुपये नहीं मिलने पर दादा की फटकार से आहत होकर घर छोड़कर चली आई। समय रहते निगोहां पुलिस की मिशन शक्ति टीम की सतर्कता और संवेदनशीलता से किशोरी सकुशल मिल गई और उसे सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार की शाम मिशन शक्ति टीम निगोहां। कस्बे में नियमित गश्त और जनसंपर्क अभियान पर थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने टीम को सूचना दी कि मां भगवती वस्त्रालय के पास एक किशोरी काफी देर से अकेली बैठी हुई है और परेशान दिखाई दे रही थी। सूचना मिलते ही मिशन शक्ति टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षा के साथ निगोहां। थाने ले आई। पूछताछ के दौरान उसकी पहचान रायबरेली जनपद निवासी के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल उसके परिजनों से संपर्क किया।किशोरी के पिता निगोहा थाने पहुंचे और बताया कि उनकी पुत्री मंगलवार की सुबह करीब सात बजे बिना बताए घर से निकल गई थी। उन्होंने बताया कि घर में रखे पचास रुपये नहीं मिलने पर दादा द्वारा पूछताछ किए जाने से वह नाराज होकर घर छोड़कर चली आई थी। परिवार के लोग पूरे दिन उसकी तलाश में जुटे रहे और उसके सकुशल मिलने पर राहत की सांस ली।
मिशन शक्ति टीम ने किशोरी की काउंसलिंग करते हुए उसे परिवार के महत्व, आपसी संवाद और छोटी-छोटी बातों पर घर छोड़ने के दुष्परिणामों के बारे में समझाया। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी को सुरक्षित पाकर परिजनों ने निगोहां पुलिस और मिशन शक्ति टीम की तत्परता, संवेदनशीलता एवं मानवीय कार्यशैली की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।निगोहा थाना प्रभारी रविंद्र कुमार कनौजिया ने कहा कि अभिभावकों और बच्चों के बीच संवाद बनाए रखना बेहद आवश्यक है। छोटी-छोटी बातों पर नाराज होकर घर छोड़ना किसी भी बच्चे की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। यदि कोई बच्चा या महिला किसी भी प्रकार की परेशानी में हो तो तत्काल पुलिस या मिशन शक्ति टीम से संपर्क करें। निगोहां पुलिस हर नागरिक की सुरक्षा और सहायता के लिए सदैव तत्पर है।उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों की भावनाओं को समझें, उनसे संवाद बनाए रखें और किसी भी परिस्थिति में संयम से काम लें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
