काम से निकाले जाने और नाबालिग बच्चियों से काम कराने का भी लगाया आरोप, जनसुनवाई में दर्ज कराई शिकायत——
मोहनलालगंज।मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के बिदौवा स्थित दबंग मसाला फैक्ट्री के बाहर गुरुवार को बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। महिला कर्मचारियों के प्रदर्शन से फैक्ट्री परिसर के बाहर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने फैक्ट्री प्रबंधन पर मजदूरी, काम से निकाले जाने, शौचालय की व्यवस्था और काम करने की परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए।प्रदर्शन कर रही महिला कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे दिनभर काम कराने के बावजूद महज 180 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी दी जा रही है। महिलाओं का कहना है कि मजदूरी कम होने के साथ ही फैक्ट्री में काम करने वाली कुछ महिला कर्मचारियों को अचानक काम से निकाल दिया गया। इससे कर्मचारियों में काफी नाराजगी है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बिना स्पष्ट कारण बताए कर्मचारियों को काम से हटाया जा रहा है।
शौचालय जाने तक का रखा जाता है हिसाब——
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने फैक्ट्री में शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं होने का भी आरोप लगाया। महिलाओं का कहना है कि शौचालय जाने के लिए भी उन्हें निर्धारित समय को लेकर दबाव का सामना करना पड़ता है। आरोप है कि कर्मचारी शौचालय के लिए कितनी देर गईं, इसका मिनट तक हिसाब दर्ज किया जाता है। महिलाओं ने इसे लेकर भी नाराजगी जताई और कार्यस्थल पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
छोटी बच्चियों से काम कराने का भी आरोप—–
प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला कर्मचारियों ने फैक्ट्री में छोटी बच्चियों से भी काम कराए जाने का आरोप लगाया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। महिलाओं ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।महिला कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की जनसुनवाई-समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली में भी शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत का संदर्भ संख्या 40015726149970 है। शिकायत में नीतू, ज्योति, पायल, रेशमा, प्रीती, मनीषा, सरोज, रेखा, सन्नी, राधा, खुशी, कामनी और बबली समेत अन्य महिलाओं की समस्याओं का उल्लेख किया गया है।
महिलाओं का कहना है कि उन्होंने कई स्तरों पर अपनी समस्याएं बताने का प्रयास किया, लेकिन समाधान नहीं होने पर उन्हें फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर जांच कराने, मजदूरी संबंधी शिकायतों की जांच करने, महिला कर्मचारियों को बिना उचित कारण काम से हटाए जाने की जांच करने तथा कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।वहीं, महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में फैक्ट्री प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रबंधन ने मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। ऐसे में अब महिला कर्मचारियों के आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।महिला कर्मचारियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।
