लखनऊ। कुशमौरा ग्राम पंचायत में जर्जर खड़ंजा मार्गों के निर्माण और डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार, 14 अक्टूबर से मिनी सचिवालय स्थित पंचायत कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने ‘सड़क नहीं तो वोट नहीं’ का नारा लगाते हुए मतदान के पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बदहाल सड़कों की समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को पहले ही लिखित शिकायत देकर 14 अक्टूबर से धरना शुरू करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे नाराज ग्रामीणों ने आंदोलन शुरू कर दिया।
ग्रामीणों की मांग है कि सिसेंडी-बेनीगंज मार्ग से बाबा दोहला पुल तक खड़ंजा मार्ग का निर्माण कर डामरीकरण कराया जाए। इसके अलावा परसपुर ठट्ठा से कुशमौरा तक अधूरे पड़े खड़ंजा मार्ग को पूरा कराकर उसका भी डामरीकरण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों मार्गों की बदहाली के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
धरने में प्रवेश कुमार शर्मा, अरविंद कुमार शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, वीरेंद्र अवस्थी, डॉ. सुशील अवस्थी, राजकुमार, श्रीराम, मनोज कश्यप, अवधेश अवस्थी, चंद्र किशोर द्विवेदी, आलोक पाल, गोलू धानुक, दीपक साहू, राम शंकर प्रजापति, उमा देवी पाल, उषा देवी पाल, बिट्टी देवी, मीना कुमारी और राम सुमेर सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
