। लखनऊ , निगोहां क्षेत्र के बाबू सुंदर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस यू पी एस आई एफ एस द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी की। यह सम्मेलन 18 से 20 अगस्त तक भव्य रूप से आयोजित हुआ।सम्मेलन का मुख्य विषय “साइबर वारफेयर, बहुपक्षीय कानूनी ढांचे, फॉरेंसिक एवं रणनीतिक समाधान” रहा। इसमें देश-विदेश से आए साइबर और फॉरेंसिक क्षेत्र के विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिकारियों, वैज्ञानिकों एवं शिक्षाविदों ने अपने विचार और अनुभव साझा किए।संस्थान की ओर से डायरेक्टर जनरल डॉ. के.के. सिंह, डॉ. अश्रय जयसवाल, इंजीनियर प्रथमेश शुक्ला, प्रतीक सचान, अभय दीक्षित, राकेश शुक्ला, आशीष समेत द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं ने सम्मेलन में भाग लिया। यह सहभागिता यू पी एस आई एफ एस द्वारा संस्थान को भेजे गए औपचारिक आमंत्रण के तहत हुई।छात्रों ने विभिन्न तकनीकी सत्रों और शोध प्रस्तुतियों में शामिल होकर साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक, डाटा प्रोटेक्शन और भविष्य की चुनौतियों पर गहन जानकारी प्राप्त की। विशेषज्ञों के साथ संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने न केवल सैद्धांतिक ज्ञान बल्कि व्यवहारिक अनुभव भी हासिल किया।संस्थान के डायरेक्टर जनरल डॉ. के.के. सिंह ने बताया कि “ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन छात्रों के बौद्धिक विकास और शोध प्रवृत्ति को बढ़ावा देते हैं। साइबर अपराध और डिजिटल फॉरेंसिक आज की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं, और विद्यार्थियों के लिए यह अवसर अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।कार्यक्रम से लौटकर छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें न केवल विषयगत ज्ञान मिला बल्कि भविष्य की तकनीकी दिशा और करियर संभावनाओं पर भी स्पष्टता प्राप्त हुई।इस तरह यू पी एस आई एफ एस के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में संस्थान की सहभागिता ने न केवल छात्रों को नई दृष्टि प्रदान की बल्कि क्षेत्र का गौरव भी बढ़ाया।
