
प्रधान, सचिव व रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप शिकायत के बावजूद कार्रवाई ठप……
निगोहां। लखनऊ,मोहनलालगंज ब्लॉक की डिधारी ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वर्ष 2023-24 में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीण योगेंद्र कुमार शुक्ला ने ग्राम प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक पर बिना काम कराए दर्जनों मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाकर लाखों रुपये डकारने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रोजगार सेवक सुनील कुमार ने अपने खास लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए योजना को लूट का जरिया बना लिया।
सुनील कुमार के ड्राइवर सुशील कुमार के नाम पर 85 दिन जल जीवन मिशन योजना में चौकीदारी करने वाले रामसेवक के नाम पर 41 दिन,और खुद रोजगार सेवक के चाचा गुरु प्रसाद के नाम पर 29 दिन की फर्जी हाजिरी चढ़ाकर भुगतान करा लिया गया।पीड़ित के अनुसार इन फर्जी हाजिरियों के जरिए करीब तीन लाख रुपये से अधिक का गबन किया गया है। शिकायत कर्ता योगेंद्र शुक्ला का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जांच अधिकारी उदयराज शर्मा ने भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए झूठी आख्या रिपोर्ट लगाकर मामले को निस्तारित कर दिया। आरोप है कि ड्राइवर सुशील कुमार को सुशीला पत्नी सुशील कुमार दिखाकर पूरे फर्जीवाड़े को सही ठहराने की कोशिश की गई।
समाधान दिवस पर भी ठंडे बस्ते में शिकायत…..
ग्रामीण ने इस मामले की शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस पर भी की, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक फाइलें धूल फांक रही हैं। इससे पीड़ित ग्रामीणों में आक्रोश है और सवाल उठ रहा है कि आखिर सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त पंचायत की घोषणाएं कागजों से आगे क्यों नहीं बढ़ पा रहीं।गांव के लोगों का कहना है कि अगर उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तो फर्जी हाजिरी और भुगतान का खेल करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और शासन से मांग की है कि पंचायत स्तर पर बैठी भ्रष्टाचार की जड़ें उखाड़ी जाएं, ताकि गरीब मजदूरों के हक का पैसा लुटेरों की जेब में न जाए।