सांप के काटने से दस दिन पहले हुई थी साथ वर्षीय मासूम की मौत, बेटे की याद में रोती रहती थी दादी……
निगोहां।लखनऊ, निगोहां क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां इकलौते पोते की मौत का गम एक बुजुर्ग दादी बर्दाश्त नहीं कर सकीं। पोते की मौत के महज दस दिन बाद ही दादी ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। दादी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।मिली जानकारी के अनुसार निगोहां कस्बे निवासी अनवर दिल्ली में रहकर सिलाई का कार्य करते हैं। उनके परिवार में पत्नी रुकसाना, इकलौता बेटा सात वर्षीय अरमान उर्फ राजा भइया और उनकी माता बिलकिश निगोहां गांव में ही रहते थे। अरमान अपनी दादी बिलकिश का लाड़ला था। दादी का दिन उसके साथ खेलते, पढ़ाते और स्कूल छोड़ने-लाने में ही गुजरता था।बीते 29 सितम्बर की रात अरमान जब अपने घर में सो रहा था तभी अचानक उसे एक सांप ने काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। अरमान की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया था। घर के इकलौते चिराग के बुझ जाने से दादी बिलकिश पूरी तरह टूट गईं।परिजनों के अनुसार पोते की मौत के बाद से बिलकिश रोज रोती रहती थीं। पोते की तस्वीर देखकर घंटों तक उसके नाम पुकारती रहतीं। गुरुवार रात को भी वे अरमान को याद कर रही थीं कि अचानक सीने में दर्द उठा। परिजन आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।परिजनों का कहना है कि पोते की मौत के सदमे में ही दादी की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी और संभवतः हार्ट अटैक से उनकी मौत हुई।गांव में बुजुर्ग दादी की मौत की खबर फैलते ही हर किसी की आंखें नम हो गईं। लोग यह कहने से खुद को रोक नहीं पा रहे कि “जिस पोते के बिना जी नहीं पा रही थीं, आखिर उसी के पीछे दादी भी चली गईं।गांव में शुक्रवार को बिलकिश का अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
स्थानीय लोगों ने इसे ममता और मोहब्बत की मिसाल बताया दादी को अपने पोते के बिना दुनिया अधूरी लग रही थी।
