मां की तहरीर पर तीन रिश्तेदारों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज….
लखनऊ। मोहनलालगंज के राधाकृष्ण गांव निवासी अमित की मौत आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या थी। परिजन मामले को आत्महत्या साबित करने के लिए लगातार पुलिस को भटकाते रहे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद पुलिस ने संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की तो पूरा सच सामने आ गया। जमीन के लालच में मृतक के मौसेरे भाई और दो सगे भाइयों ने ही अमित के सिर पर हमला कर उसकी हत्या की और शव को ऑटो से ले जाकर बांक नाले में फेंक दिया।
इधर, मृतक की मां की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
शव मिला था मौरंग-गिट्टी की दो बोरियों के साथ बंधा हुआ…….
बीते सोमवार दोपहर राधाकृष्ण खेड़ा गांव के मजदूर अमित (34) का शव निगोहां के गौतमखेड़ा बांक नाले में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शव के साथ मौरंग-गिट्टी से भरी दो बोरियां बंधी थीं। मामले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजकर जांच शुरू की और अमित के बड़े भाई बेचालाल, छोटे भाई प्रेम व मौसेरे भाई महेश को पूछताछ के लिए बुलाया।
पुलिस को भटकाने के लिए रची ‘आत्महत्या’ की झूठी कहानी..…..
निगोहां थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए तीनों आरोपियों ने पहले आत्महत्या की कहानी गढ़ी और कहा कि डर की वजह से शव को नाले में फेंका गया।
लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और गला कसने की पुष्टि होने के बाद उनकी कहानी धराशायी हो गई। कड़ाई से पूछताछ करने पर पूरी साजिश खुल गई।
जमीन के विवाद में दिया वार, फिर गला दबाकर की हत्या……
पुलिस जांच में सामने आया कि जमीन के विवाद को लेकर तीनों आरोपियों का अमित से विवाद हुआ था। कहासुनी के दौरान आरोपियों ने भारी वस्तु से अमित के सिर पर प्रहार किया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।हत्या के बाद तीनों ने शव को ऑटो में रखा और मौरंग-गिट्टी की दो बोरियां बांधकर उसे बांक नाले में फेंक दिया।
बुधवार को मृतक की मां जगदेई द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों बेटों व मौसेरे भाई के खिलाफ हत्या सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
