लखनऊ। तहसील क्षेत्र के शिवलर गांव में सरकारी पशुचर की भूमि पर अवैध रूप से की गई प्लाटिंग के खिलाफ मंगलवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। इस दौरान करीब दो बीघा सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कब्जामुक्त कराई गई भूमि की अनुमानित कीमत लगभग दो करोड़ रुपये बताई जा रही है।जानकारी के मुताबिक उक्त भूमि पर एक निजी प्लाटिंग कंपनी द्वारा लंबे समय से अवैध कब्जा कर सड़क, प्लाटों के निशान और चहारदीवारी बना दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग द्वारा मामले की जांच कराई गई, जिसमें भूमि को सरकारी पशुचर दर्ज पाया गया। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।कार्रवाई के दौरान तहसीलदार रितुराज शुक्ला के साथ राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से बनाई गई चहारदीवारी, प्लाटिंग के निशान और अन्य ढांचे ध्वस्त कर दिए गए। कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई, जिससे सरकारी भूमि को सुरक्षित किया जा सके।
एसडीएम पवन पटेल ने बताया कि संबंधित प्लाटिंग कंपनी द्वारा शिवलर गांव के अलावा बेली गांव में भी कई स्थानों पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया है। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को तहसीलदार रितुराज शुक्ला के नेतृत्व में राजस्व टीम बेली गांव में भी अभियान चलाकर अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई करेगी।प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
