मोहनलालगंज। लखनऊ।नगर पंचायत मोहनलालगंज के मऊ गांव में स्थित पुराने सरकारी पंचायत भवन और उससे जुड़ी खाली भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। गांव के एक दबंग व्यक्ति द्वारा पंचायत भवन की जमीन पर निर्माण कर कब्जा करने की कोशिश से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। मामले को गंभीरता से लेते हुए गांव के समाजसेवी आशीष द्विवेदी ने बुधवार को उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज पवन पटेल से मिलकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है।शिकायतकर्ता समाजसेवी आशीष द्विवेदी के अनुसार मऊ गांव में स्थित पंचायत भवन लगभग 50 वर्ष पुराना है, जो भले ही जर्जर अवस्था में है, लेकिन आज भी ग्रामीणों के बीच पंचायत भवन के रूप में ही जाना जाता है। पंचायत से जुड़े कई पुराने अभिलेख और सरकारी रिकॉर्ड भी इस भवन की सार्वजनिक संपत्ति होने की पुष्टि करते हैं। इसके बावजूद गांव का ही एक दबंग व्यक्ति बीते कई दिनों से भवन और उसकी खाली भूमि पर अवैध निर्माण कर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त व्यक्ति इससे पहले भी पंचायत भवन की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर चुका है, जिसे ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन द्वारा रुकवा दिया गया था। हालांकि कुछ समय शांत रहने के बाद दबंग ने दोबारा निर्माण सामग्री डालकर कब्जे की गतिविधियां शुरू कर दीं। आरोप है कि वह स्वयं को पत्रकार बताकर लोगों पर रौब झाड़ता है और विरोध करने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देता है।ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन गांव की सार्वजनिक संपत्ति है और भविष्य में इसके पुनर्निर्माण की आवश्यकता भी पड़ सकती है। ऐसे में यदि इस पर अवैध कब्जा हो गया तो गांव की सामूहिक संपत्ति हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी।
मामले की शिकायत मिलने पर एसडीएम मोहनलालगंज पवन पटेल ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और स्थानीय पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचकर कब्जे की कार्रवाई रुकवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं।एसडीएम ने स्पष्ट किया है कि सरकारी व सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पंचायत भवन की भूमि को स्पष्ट रूप से चिन्हित कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति दोबारा कब्जे का प्रयास न कर सके। साथ ही दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है।
