मोहनलालगंज। तहसील परिसर में सोमवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी विशाख जी ने जनसमस्याओं, विशेषकर जमीनी विवादों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भूमि से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।मोहनलालगंज विकासखंड के कई गांवों में भूमि विवाद से जुड़ी शिकायत पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल तलब कर जवाब मांगा। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उन्होंने क्षेत्रीय जेई, एई और एक्सईएन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी अजय जैन को पूरे प्रकरण की जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराने को कहा।करोरा गांव के अनिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोगों द्वारा गलत तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ-साथ जमीन पर भी अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अपात्र लोगों से वसूली के लिए आरसी जारी करने और पूरे न्याय पंचायत क्षेत्र में जिला स्तरीय टीम से जांच कराने के निर्देश दिए।वहीं मऊ गांव की सरिता अपने बीमार पति दीपक और नौ माह की बच्ची के साथ न्याय की गुहार लेकर पहुंची। सरिता ने बताया कि नगर पंचायत द्वारा बिना सूचना के उन्हें पिंक टॉयलेट के केयरटेकर पद से हटा दिया गया। इस पर डीएम ने ईओ को फटकार लगाते हुए सरिता को पुनः कार्य पर रखने के निर्देश दिए। साथ ही सीएचसी अधीक्षक को दीपक का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने में सहयोग करने को कहा।भसंडा गांव के ग्राम प्रधान ललित शुक्ल ने अन्नपूर्णा भवन से संबंधित भूमि और बिजली कनेक्शन की समस्या उठाई। डीएम ने इस पर भी अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई और जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया।सम्पूर्ण समाधान दिवस में डीएम के सख्त तेवरों से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। फरियादियों को त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। इस दौरान सीडीओ अजय जैन, एडीएम ट्रांसगोमती राज मित्तल, एसडीएम पवन पटेल, एसीपी विकास कुमार पांडे, तहसीलदार रितुराज शुक्ला समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
