मोहनलालगंज।लखनऊ, मोहनलालगंज पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर पैतृक संपत्ति पर अवैध कब्जे और धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से मुख्य अभियुक्त के साथ मिलकर न्यायालय और बैंक संबंधी कार्यवाहियों में सहयोग कर रहा था।पुलिस के मुताबिक लखनऊ के ख्यालीगंज कैसरबाग निवासी समीर मिर्जा ने बीते 11 दिसंबर 2025 को मोहनलालगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के अमेठी में स्थित उनकी पैतृक संपत्ति गाटा संख्या 236, 282, 352, 655, 682, 684 और 690 आदि पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। विवेचना के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी मो. फरीद मिर्जा ने स्वयं को वादी के स्वर्गीय चाचा खुसरो मिर्जा का वारिस बताते हुए न्यायालय में दावा प्रस्तुत किया था। जांच में लगाए गए दस्तावेज फर्जी पाए गए। पुलिस ने बताया कि यह पूरा मामला सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत अंजाम दिया गया।इसी क्रम में पुलिस ने मो. अशफाक मिर्जा उर्फ बाबू मियां पुत्र स्व. हैदर मिर्जा निवासी मौलवीगंज थाना अमीनाबाद को शनिवार की शाम अकबरीगेट नखास चौक स्थित बाम्बे इलेक्ट्रिकल्स की दुकान के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह फरीद मिर्जा का रिश्तेदार है और उसके कहने पर विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करता था। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसके नाम से बैंक खाता खुलवाया गया था तथा बैंक और न्यायालय संबंधी कार्यों में उसका इस्तेमाल किया गया।
मोहनलालगंज इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि पैतृक संपत्ति से जुड़े धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। विवेचना के दौरान फर्जी दस्तावेजों और बैंक खातों के माध्यम से जमीन पर अवैध दावा करने की बात सामने आई है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। मामले में मुख्य आरोपी पहले से न्यायिक अभिरक्षा में है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश और जांच जारी है।पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी मो. फरीद मिर्जा पहले से न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश और मामले की गहन विवेचना जारी है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मोहनलालगंज कोतवाली में सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज है।
