भदेसुआ समेत दर्जनों गांवों में गहराया जल संकट, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार……
मोहनलालगंज। भीषण गर्मी के बीच मोहनलालगंज विकास खंड क्षेत्र के सिसेंडी इलाके में जल संकट गहराता जा रहा है। गांवों के तालाब और पोखर सूख जाने से पशु-पक्षियों के सामने पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि कई स्थानों पर मवेशी पानी के अभाव में तड़प रहे हैं और उनकी मौत होने की बातें भी सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।सिसेंडी क्षेत्र के भदेसुआ गांव में तालाब पूरी तरह सूख चुका है। गांव के लोगों का कहना है कि तालाब में पानी न होने से आवारा और पालतू पशुओं को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान सहित अन्य जिम्मेदार लोगों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही स्थिति देबरिया, भरोसवा, बरवलिया, रंजीत खेड़ा, राती समेत दर्जनों गांवों में बनी हुई है, जहां तालाबों के सूखने से ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
मई महीने की तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों का जीवन बेहाल कर दिया है। दोपहर के समय गर्म हवाओं के चलते हालात और भी गंभीर हो रहे हैं। इंसान तो किसी तरह पानी की व्यवस्था कर ले रहे हैं, लेकिन पशु-पक्षियों के लिए तालाब और पोखर ही एकमात्र सहारा होते हैं। जब वही सूख गए हैं तो बेजुबान जीव प्यास से इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का कहना है कि गांवों के अधिकतर तालाबों में अब धूल उड़ रही है। पानी के अभाव में पशुओं के साथ-साथ ग्रामीणों की दैनिक जरूरतें भी प्रभावित हो रही हैं। कई जगहों पर मवेशियों को दूर-दराज क्षेत्रों तक पानी की तलाश में ले जाना पड़ रहा है। वहीं पक्षियों की संख्या भी जलस्रोतों के आसपास कम दिखाई देने लगी है।ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक पखवारा पहले इस समस्या की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में पेयजल संकट और गहरा सकता है।क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए गांवों के तालाबों और पोखरों में तत्काल पानी भरवाने की मांग की है, ताकि पशु-पक्षियों के साथ ग्रामीणों को भी राहत मिल सके।
