कुछ बिना पंचायत तो कुछ पर दोहरे कार्यभार का बोझ…..
मोहनलालगंज। लखनऊ , विकासखंड मोहनलालगंज में पंचायत सचिवों के क्लस्टर आवंटन को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। एक ओर जहां कुछ पंचायत सचिव महीनों से ग्राम पंचायतों के आवंटन का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई सचिवों को दो-दो क्लस्टरों की जिम्मेदारी सौंपे जाने से व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जनप्रतिनिधियों ने क्लस्टर आवंटन में पारदर्शिता और समानता की मांग की है।जानकारी के अनुसार विकासखंड में वर्तमान में 31 पंचायत सचिव तैनात हैं, जिनमें 13 ग्राम विकास अधिकारी और 18 ग्राम पंचायत अधिकारी शामिल हैं। इसके बावजूद एक ग्राम पंचायत अधिकारी पिछले छह माह से बिना किसी ग्राम पंचायत आवंटन के ब्लॉक कार्यालय से संबद्ध हैं। वहीं एक अन्य सचिव भी बिना पंचायत आवंटन के वेतन प्राप्त कर रही हैं।सूत्रों का कहना है कि 24 पंचायत सचिवों को एक-एक क्लस्टर का कार्यभार दिया गया है, जबकि करीब पांच सचिव ऐसे हैं जिनके पास दो-दो क्लस्टरों की जिम्मेदारी है। इन क्लस्टरों में दो से तीन ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इससे सचिवों के बीच कार्यभार का असंतुलन साफ दिखाई दे रहा है।बताया जाता है कि पूर्व खंड विकास अधिकारी आशुतोष श्रीवास्तव ने बिना पंचायत आवंटन वाले सचिवों को ग्राम पंचायतें आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार कर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय भेजा था, लेकिन वह प्रस्ताव अब तक लंबित पड़ा हुआ है।
अधिक ग्राम पंचायतों का कार्यभार संभाल रहे सचिवों के नियमित रूप से पंचायतों में न पहुंच पाने से ग्रामीणों को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल समेत अन्य आवश्यक कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी भी बढ़ रही है।
प्रदर्शन के आधार पर होगा आवंटन…..
बीडीओ खंड विकास अधिकारी शिवकुमार ने बताया कि जिन सचिवों के पास वर्तमान में कोई ग्राम पंचायत आवंटित नहीं है, उन्हें पंचायत आवंटित किए जाने के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि क्लस्टर आवंटन के दौरान सचिवों की कार्यप्रणाली और प्रदर्शन को भी आधार बनाया जाएगा।
