बीएसए बोले— जांच में दोषी मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई, बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं……
मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज विकास खंड क्षेत्र के ललूमर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में विद्यालय की छत पर बच्चों से सफाई कराए जाने का दावा किया जा रहा है। बरसात के मौसम में बच्चों को जर्जर छत पर चढ़ाकर सफाई कराने के आरोपों ने अभिभावकों और ग्रामीणों में नाराजगी पैदा कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दे दिए हैं।ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार विद्यालय की छत काफी पुरानी और जर्जर है। आरोप है कि इसी छत पर बच्चों को सफाई के लिए भेजा गया, जबकि छत के ऊपर से बिजली की तारें भी गुजर रही थीं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय प्रशासन को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए थी, लेकिन कथित रूप से लापरवाही बरती गई।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब कुछ अभिभावकों ने आरोप लगाया कि वीडियो वायरल होने के बाद प्रधानाध्यापक और विद्यालय के कुछ शिक्षक उनके घर पहुंचे। परिजनों का कहना है कि उनसे वीडियो सोशल मीडिया से हटाने का दबाव बनाया गया तथा विरोध करने पर बच्चों का नाम विद्यालय से काटने की कथित धमकी भी दी गई। हालांकि इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और विद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।घटना के बाद गांव में शिक्षा व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्यालय में बच्चों से इस प्रकार का जोखिमपूर्ण कार्य कराया गया है तो यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।इस संबंध में लखनऊ के बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों का संज्ञान लिया गया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी शिक्षक या कर्मचारी की लापरवाही अथवा नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में बच्चों से जोखिमपूर्ण कार्य कराना स्वीकार्य नहीं है और बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप कितने सही हैं। पूरे मामले का जांच का विषय है।
