सरेनी/रायबरेली – ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है।ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल विद्युत व्यवस्था, अघोषित कटौती, जर्जर विद्युत लाइनों, झुके एवं टूटे बिजली के खंभों तथा ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक शक्ति) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष शशिकांत तिवारी और प्रदेश अध्यक्ष बुद्धिलाल पंडा के नेतृत्व में विद्युत मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन एसडीओ, विद्युत विभाग सरेनी को सौंपा।
ज्ञापन देने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष बुद्धिलाल पंडा ने
कहा कि सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित अवधि तक बिजली आपूर्ति का प्रावधान किए जाने के बावजूद ग्रामीणों को नियमित विद्युत आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। विशेष रूप से शाम के समय बिजली कटौती होने से किसान-मजदूर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में अंधेरा होने के कारण गंगा के कछार क्षेत्र में जंगली जानवरों से भी खतरा बना रहता है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष शशिकांत तिवारी ने ग्राम विशायकपुर के पास 33 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के तीन खंभों के बुरी तरह झुकने का मामला भी उठाया। उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते इन्हें ठीक नहीं किया गया तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। इसके अलावा गांवों में विद्युत तारों के नीचे लटकने तथा कई स्थानों पर जर्जर खंभों की समस्या का भी उल्लेख किया गया।
भारतीय किसान यूनियन (श्रमिक शक्ति)ने आरोप लगाया कि ग्रामीणों द्वारा विद्युत विभाग के स्थानीय अधिकारियों को कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ। यूनियन ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग भ्रष्टाचार में आंकठ डूबा हुआ है। कर्मचारी विद्युत उपभोक्ताओं का शोषण कर अवैध वसूली में लिप्त हैं, संगठन इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।ज्ञापन में शिकायतों के निस्तारण के लिए लाइनमैन द्वारा कथित रूप से सुविधा शुल्क मांगने के आरोपों की जांच कराने तथा गरीब किसानों से अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई।
ज्ञापन में ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, जर्जर एवं टूटे खंभों को तत्काल बदलने, विद्युत लाइनों को दुरुस्त कराने तथा ग्राम विशायकपुर की हरिजन बस्ती में टूटे खंभे को बदलने की मांग की गई। साथ ही स्मार्ट मीटरों को हटाकर पूर्व की व्यवस्था के अनुसार सामान्य मीटर लगाए जाने तथा इसके लिए उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क न लेने की मांग भी की गई।
संगठन ने मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार द्वारा घोषित विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के अनुसार शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा दिन में भी निर्धारित अवधि तक बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसानों, मजदूरों और विद्यार्थियों को राहत मिल सके।
इस अवसर पर विकास द्विवेदी, सचिन तिवारी, कमलेश निषाद, राजू भाई, सतीश मिश्रा, नीरज तिवारी, नरेन्द्र शर्मा, दिनेश चन्द्र, विमल कुमार, राजू शुक्ला, बबलू, अनिल कुमार, राम प्रसाद सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन के माध्यम से विद्युत विभाग से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने की मांग की गई।
