लखनऊ। मोबाइल की किस्त जमा न कर पाने पर एक युवक को कथित रूप से जबरन बंधक बनाकर मारपीट करने, मजदूरी कराने और उसकी इच्छा के विरुद्ध ब्लड निकलवाकर बेचने के मामले में निगोहां पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।पीड़ित के पिता राजारामखेड़ा मजरा पुरहिया निवासी जदुराई ने बीते सोमवार को निगोहां थाने में तहरीर देकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। आरोप था कि उनके बेटे नेवल कुमार ने किस्त पर मोबाइल खरीदा था। किस्त जमा न होने पर आठ सितंबर को शुभम सिंह अपने एक साथी के साथ उसके घर पहुंचा और मोबाइल की दुकान पर ले जाने की बात कहकर नेवल को अपने साथ ले गया। आरोप है कि इसके बाद युवक को करीब चार दिन तक बंधक बनाकर रखा गया, मारपीट की गई और उससे मजदूरी कराई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू करा दी। पुलिस टीमों को सक्रिय करते हुए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी एवं मैनुअल साक्ष्यों तथा स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की गई। लगातार की गई कार्रवाई के बाद गुरुवार को पुलिस ने दो आरोपियों अनिकेत सिंह उर्फ काका निवासी उदयगंज, हुसैनगंज और सुशान्त शर्मा निवासी राजाजीपुरम, तालकटोरा को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सुशान्त शर्मा ने खुद को एक फाइनेंस कंपनी में मैनेजर बताया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में सामने आया कि नेवल को गांव के बाहर से ले जाकर एक निजी ब्लड सेंटर पहुंचाया गया, जहां उसकी इच्छा के विरुद्ध एक यूनिट ब्लड निकलवाया गया। इसके बाद उसे बंधक बनाकर चार दिन तक छत का प्लास्टर तुड़वाने की मजदूरी कराई गई और मोबाइल की किस्त के 2,799 रुपये भी वसूल किए गए।मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।पीड़ित की तहरीर मिलते ही मामले को गंभीरता से लेकर तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू करने और जल्द गिरफ्तारी करने पर पुलिस के उच्चाधिकारियों ने निगोहां थाना प्रभारी रविंद्र कुमार एवं उनकी टीम की कार्रवाई की सराहना की। अधिकारियों ने टीम की तत्परता और प्रभावी पुलिसिंग की प्रशंसा की।
पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश कुमार दीक्षित, उपनिरीक्षक ओमप्रकाश पाण्डेय, उपनिरीक्षक मनीष कुमार, कांस्टेबल अरविन्द कुमार पटेल, कैलाश राणा, मुनेन्द्र कुमार तथा महिला कांस्टेबल आरती शामिल रहीं।
