लखनऊ। पीजीआई हॉस्पिटल गेट से कुछ ही दूरी पर स्थित चर्चित गुप्ता ढाबा एक बार फिर विवादों में है। इस बार ढाबा संचालक और उसके बेटे पर क्षेत्रीय चाय विक्रेता और उसके नाबालिग बेटे के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है, वहीं पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है।जानकारी के मुताबिक, गुप्ता ढाबा के बगल में चाय का ठेला लगाने वाले प्रदीप सोनी अपने नाबालिग बेटे के साथ रोज़ की तरह दुकानदारी कर रहे थे। इसी दौरान ढाबा संचालक और उसके बेटे ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। बात बढ़ी तो ढाबा मालिक ने खुलेआम थप्पड़ों की बारिश कर दी और जान से मारने की धमकी दी।प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ढाबा संचालक का रवैया बेहद उग्र था। उसने साफ-साफ कहा, “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, पीजीआई की पुलिस मेरे ढाबे पर खाना खाती है, कोई कार्रवाई नहीं होगी।” यह बयान अपने आप में इस बात की तरफ इशारा करता है कि उसे कानून का कोई डर नहीं है।
पहली बार नहीं है दबंगई का मामला…….
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब गुप्ता ढाबा के मालिक ने इस तरह की गुंडई की हो। पूर्व में भी कई बार वह आसपास के दुकानदारों और ठेले वालों से इसी तरह मारपीट और धमकी दे चुका है, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता ने उसके हौसले और बुलंद कर दिए हैं।पीड़ित प्रदीप सोनी का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद जब वह पीजीआई थाने में शिकायत दर्ज कराने गया, तो पुलिस ने उसकी बात अनसुनी कर दी और कोई कार्रवाई नहीं की। अब तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक ना तो कोई एफआईआर दर्ज हुई है, और ना ही कोई पूछताछ। इससे पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग पुलिस पर पक्षपात और संरक्षण देने का आरोप लगा रहे हैं।वहीं इस संबंध में थाना प्रभारी पीजीआई धीरेंद्र सिंह ने कहा, “मेरे पास ऐसी कोई तहरीर नहीं आई है। अगर पीड़ित पक्ष मेरे पास आता है तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के अन्य होटल, ढाबे और ठेले पुलिस रोज़ाना रात 11 बजे तक बंद करवा देती है, लेकिन गुप्ता ढाबा देर रात 2 बजे तक खुलेआम संचालित होता है। यह कैसे संभव है, जब तक उसे पुलिस का अप्रत्यक्ष सहयोग न मिल रहा हो प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां बार-बार यह निर्देश दे चुके हैं कि गरीबों और असहायों पर अत्याचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, वहीं राजधानी लखनऊ में ही इस तरह की दबंगई और पुलिस की चुप्पी ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गुप्ता ढाबा के संचालक और उसके बेटे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी गरीब पर अत्याचार करने से पहले लोग सौ बार सोचें।
