मोहनलालगंज।लखनऊ,पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते 19 अगस्त को अधिवक्ता/पत्रकार रमाकांत मिश्रा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में अब तक मुख्य आरोपी और उसके साथियों की गिरफ्तारी न होने से पत्रकारों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को निगोहां प्रेस क्लब के पदाधिकारियों व सदस्यों ने मोहनलालगंज एसीपी रजनीश वर्मा को ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। निगोहां प्रेस क्लब के सदस्यों ने ज्ञापन में बताया कि 19 अगस्त की सुबह पत्रकार रमाकांत मिश्रा अपने घर से खेत की ओर जा रहे थे। तभी रेलवे फाटक पार करते समय आरोपी रमाकांत उर्फ दीपू कृपाशंकर और उसके 4-5 अज्ञात साथियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने कुल्हाड़ी सहित घातक हथियारों से हमला किया और फरार हो गए। गंभीर हालत में घायल पत्रकार को तत्काल अस्पताल ले जाया गया और मोहनलालगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई।निगोहा प्रेस क्लब ने आरोप लगाया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई बेहद सुस्त है। मुख्य आरोपी अब तक फरार है और खुलेआम घूम रहा है, जिससे पीड़ित और उसके परिवार को जान का खतरा बना हुआ है। संगठन ने स्पष्ट कहा कि यदि तय समयसीमा में पुलिस ने ठोस कार्रवाई कर गिरफ्तारी नहीं की तो पत्रकार धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।पत्रकारों ने जताई चिंता, मांगा सुरक्षा कानून…..प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इस तरह के हमले न केवल निंदनीय हैं बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिए “पत्रकार सुरक्षा कानून” लागू किया जाए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और पत्रकार भयमुक्त होकर अपना दायित्व निभा सकें।ज्ञापन देने पहुंचे पत्रकारों में प्रेस क्लब निगोहां के संरक्षक मुकेश द्विवेदी, महामंत्री प्रदीप द्विवेदी, वरिष्ठ पत्रकार मुकेश मिश्रा, प्रशांत त्रिवेदी, अशोक मिश्रा, चांद खान, मोइन खान, सुनील त्रिवेदी, आरिफ मंसूरी, अवनीश पाण्डेय, रोहित दीक्षित, अनुराग तिवारी, आशीष तिवारी और पीड़ित पत्रकार रमाकांत मिश्रा, नसीर, सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि यदि पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही तो आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
