पीजीआई। लखनऊ, पीजीआई कोतवाली क्षेत्र के तेलीबाग स्थित सेक्टर-5 बृंदावन कॉलोनी में हाल ही में निर्मित सार्वजनिक मंदिर बालरूप धाम पर कब्जे का मामला गरमाता जा रहा है। कॉलोनीवासियों ने आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने मंदिर परिसर को अपनी निजी संपत्ति बताते हुए जबरन नियंत्रण जमा लिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।कॉलोनीवासियों द्वारा डीसीपी दक्षिणी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि स्थानीय निवासी गिरिजा प्रसाद सिंह, प्रमोद सिंह और अजीत सिंह पुत्रानी पवन देव बहादुर सिंह मंदिर पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इनका आपराधिक इतिहास भी रहा है और फिलहाल ये मंदिर परिसर की दीवार बाहर की ओर बढ़ाकर अवैध निर्माण करा रहे हैं।लोगों का कहना है कि आरोपी पक्ष दबंगई दिखाते हुए कहता है कि “जो हमारा समर्थन करेगा वही मंदिर में पूजा-अर्चना कर पाएगा।” इस बयान से पूरे कॉलोनी में आक्रोश व्याप्त है और लोग किसी भी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि सहयोग से निर्मित यह मंदिर सामूहिक पूजा-अर्चना के लिए बनाया गया था। बावजूद इसके दबंगों द्वारा कब्जे की कोशिश ने लोगों के बीच भारी रोष पैदा कर दिया है।शिकायत पत्र पर गिरिजा प्रसाद सिंह, अनिल तिवारी, पुष्पेंद्र सिंह, वीरेन्द्र पांडेय सहित कई अन्य स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।कालोनी वासियों की पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि मंदिर परिसर को दबंगों से मुक्त कराया जाए।मौके पर पुलिस अधिकारियों को भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाए।सार्वजनिक धार्मिक स्थल पर कब्जे की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।कॉलोनीवासियों को निःशंक पूजा-अर्चना करने का अधिकार मिले।पीजीआई इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
