मोहनलालगंज।लखनऊ, मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के गौरा गांव में शनिवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब दबंगों ने स्कूल जा रहे पिता-पुत्र पर सरेराह हमला कर दिया। पिता को लात-घूंसों और डंडों से पीटते हुए दबंगों ने बचाने आए मासूम बेटे को भी नहीं बख्शा। घटना के बाद आसपास के लोग जब बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए।सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल पिता-पुत्र को एंबुलेंस से सीएचसी मोहनलालगंज भेजवाया, जहां उनका उपचार किया गया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर तीन आरोपियों के खिलाफ मारपीट, धमकी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर शांतिभंग में चालान किया है।भैदुवा गांव निवासी उमेश ने बताया कि वह शनिवार की सुबह अपने बेटे अमरजीत को बिंदौवा स्थित स्कूल छोड़ने बाइक से जा रहे थे। तभी गौरा गांव में एक ईंट भट्ठे के पास पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों छोटू और रवि निवासी भैदुवा व उनके साथी विकास निवासी गदियाना ने उन्हें जबरन रोक लिया और पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज करते हुए पिटाई शुरू कर दी। बचाने पहुंचे बेटे अमरजीत को भी आरोपियों ने लाठी-डंडों से पीट दिया।राहगीरों के विरोध करने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।इंस्पेक्टर की संवेदनशील पहल बनी चर्चा का विषय पिटाई की घटना से सहमा मासूम अमरजीत जब पिता के साथ थाने पहुंचा तो वह डर के मारे कुछ बोल भी नहीं पा रहा था। यह देख कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिलेश कुमार सिंह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे को अपने पास बैठाया और उसे प्यार से समझाया। इतना ही नहीं, इंस्पेक्टर ने आरोपित को मासूम के सामने बुलाकर कड़ी फटकार लगाई, ताकि बच्चे का डर निकल सके।इंस्पेक्टर ने उसके सिर पर हाथ फेरकर चॉकलेट दी तो बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। थाने पर मौजूद लोगों ने प्रभारी निरीक्षक के इस व्यवहार की सराहना की और कहा कि पुलिस का यह मानवीय चेहरा समाज में सकारात्मक संदेश देता है।
प्रभारी निरीक्षक डी.के. सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर छोटू, रवि और विकास के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एक आरोपी रवि को गिरफ्तार कर शांतिभंग की कार्रवाई की गई है, जबकि बाकी दो की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।
