गोसाईगंज।लखनऊ, मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर ग्रामसभा में पिछले चार दिनों से मानकों के विपरीत अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। भारी संख्या में डंपर मिट्टी लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे मुंशीगंज–बाराबंकी मार्ग की हालत जर्जर हो चुकी है। धूल, गड्ढे और लगातार जाम से आमजन त्रस्त हैं, जबकि दुकानदारों को कारोबार में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने बताया कि खनन के दौरान डंपरों पर तिरपाल नहीं लगाया जा रहा है, न ही सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मिट्टी के कारण रास्ता फिसलन भरा और धूल से भरा हो गया है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों के अनुसार, जिस खेत से मिट्टी की खुदाई की जा रही है, वह क्षेत्र डामर सड़क से सटा हुआ है और लगभग पाँच फीट गहरा खोद दिया गया है, जिससे बरसात के समय सड़क के बह जाने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाएगा।ग्रामीणों का कहना है कि इसी मार्ग पर कई निजी स्कूल स्थित हैं, जहां रोजाना छोटे-छोटे बच्चे आते-जाते हैं। सुबह और दोपहर के समय भारी जाम की स्थिति रहती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।पूर्व में भी इसी क्षेत्र में अवैध खनन में लगे एक डंपर की चपेट में आने से फतेहपुर ग्रामसभा के मजरा चमरतलिया में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके, खनन गतिविधियों पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकी है।ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोग और स्थानीय माफिया तत्व प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर खुलेआम अवैध खनन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि खनन करने वाले लोग खुद को सरकारी ठेकेदार बताते हुए कहते हैं कि यह मिट्टी सरकारी है, कोई इसे नहीं रोक सकता।इस स्थिति से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों व्याप्त हैं। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर इस अवैध खनन पर रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
