मोहनलालगंज।लखनऊ,गुरुवार को हुई दिनभर की लगातार बारिश ने मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जब धान की फसल कटकर खेतों और खलिहानों में रखी थी, तभी बे मौसम बरसात ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई गांवों में जहां किसान फसल की मड़ाई की तैयारी कर रहे थे, वहीं अचानक हुई वर्षा ने खेतों में पानी भर दिया, जिससे पकी हुई धान की बालियां भीगकर खराब होने लगी हैं।क्षेत्र के फतेहपुर, बहरौली, निगोहा, समेसी, परसपुर ठठ्ठा, गंगागंज, और सिसेंडी गांवों में अधिकांश किसानों के खेतों में या तो धान कटकर पड़ा है या बोझ बनकर खेतों के किनारे रखा है। किसान बताते हैं कि इस समय की बारिश उनके लिए आफत बन गई है। फतेहपुर निवासी किसान रामअवध ने बताया कि “धान पूरी तरह पक चुकी थी, बस मड़ाई बाकी थी। अब बारिश से खेतों में पानी भर गया है, जिससे धान सड़ने का डर है।किसानों के अनुसार, धान के भीग जाने से चावल का दाना रोगी हो जाता है, उसमें न तो चमक रहती है और न ही स्वाद। इसके कारण बाजार में उसका भाव भी काफी गिर जाता है। वहीं जिन किसानों ने धान की कटाई अभी नहीं की थी, उनके खेतों में पानी भर जाने से मशीनें नहीं चल पा रहीं, जिससे फसल की कटाई में भी दिक्कतें आने लगी हैं।कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की बे मौसम बारिश फसल की गुणवत्ता को बुरी तरह प्रभावित करती है। लंबे समय तक नमी रहने से धान में फंगल इंफेक्शन लगने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे उपज कम हो जाती है।किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का सर्वे कराकर क्षति पूर्ति मुआवजा दिलाया जाए, ताकि उनकी मेहनत और लागत का कुछ हद तक मुआवजा मिल सके।बे मौसम बारिश ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि किसान आज भी मौसम की मार से सबसे अधिक प्रभावित वर्ग है। जब फसल घर आने को तैयार होती है, तभी प्रकृति की मार उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देती है।
