मोहनलालगंज।लखनऊ,एक ओर सरकार हर घर बिजली पहुंचाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। मोहनलालगंज क्षेत्र के गंगागंज अंतर्गत सलेमपुर गांव की एक महिला उपभोक्ता पिछले काफी समय से बिजली कनेक्शन के लिए विभागीय चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन आज तक उसके घर के सामने बिजली का पोल तक नहीं लगाया जा सका है।प्राप्त जानकारी के अनुसार मालती पत्नी सुरेश कनोजिया निवासी सलेमपुर पोस्ट गंगागंज, जनपद लखनऊ ने विद्युत विभाग से नया कनेक्शन लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। लाइनमैन द्वारा मौके पर सर्वे कर पोल का एस्टिमेट भी तैयार कर दिया गया, बावजूद इसके अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका।पीड़िता का आरोप है कि घर के सामने मात्र एक से दो पोल पहले ही नए कनेक्शन के तहत लगाए जा चुके हैं, जबकि उसी पोल का एस्टिमेट लेकर अन्य उपभोक्ता को कनिष्ठ अभियंता श्री आर.के. शुक्ला द्वारा कनेक्शन दे दिया गया, लेकिन उनके घर के लिए आज तक पोल नहीं लगाया गया।महिला का कहना है कि वह अपने बच्चों के साथ घर के परिसर में अकेली रहती है, बिजली न होने के कारण सुरक्षा, पढ़ाई और दैनिक जीवन की मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।इस संबंध में पीड़िता ने अधिशासी अभियंता, मोहनलालगंज, जिला लखनऊ को लिखित प्रार्थना पत्र देकर मौके पर जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थना पत्र के साथ एस्टिमेट से जुड़े दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद कार्य लटका हुआ है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो यह मामला भ्रष्टाचार और भेदभाव का गंभीर उदाहरण बन सकता है। सवाल यह भी उठता है कि जब एक ही पोल के एस्टिमेट पर दूसरे को कनेक्शन दिया जा सकता है, तो पीड़िता को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है।अब देखना यह है कि विद्युत विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक पीड़ित परिवार को अंधेरे से राहत मिलती है।
