25-25 हजार रुपये के थे इनामी, रायबरेली में रिश्तेदार के घर से एसओजी और पुलिस ने दबोचा——
मोहनलालगंज, लखनऊ। सिसेंडी में करोड़ों रुपये कीमत की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने के मामले में करीब दो माह से फरार चल रहे 25-25 हजार रुपये के इनामी पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल और उनके बेटे अमन जायसवाल को दक्षिणी जोन की एसओजी और मोहनलालगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को रविवार शाम रायबरेली स्थित एक रिश्तेदार के घर से पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों से मामले के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक, सिसेंडी क्षेत्र में करोड़ों रुपये कीमत की जमीन को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने के मामले में पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल, उनके बेटे अमन जायसवाल समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। क्षेत्र पंचायत सदस्य आशीष गुप्ता की शिकायत पर 25 जुलाई को मोहनलालगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।
असली मालिक की जगह दूसरे व्यक्ति को बनाया सुरेश कुमार——-
पुलिस जांच में आरोप है कि जमीन के फर्जीवाड़े के लिए असली सुरेश कुमार की जगह हरीलाल नामक व्यक्ति को फर्जी तरीके से सुरेश कुमार बनाकर पेश किया गया। इसके बाद कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन की बिक्री किए जाने का आरोप है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फर्जी सुरेश कुमार बने हरीलाल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।मुकदमे में नामजद पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल और उनका बेटा अमन जायसवाल घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन उनका सुराग नहीं लग सका। इसके बाद पुलिस ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
रायबरेली में रिश्तेदार के घर छिपे थे पिता-पुत्र———-
फरार आरोपियों की तलाश में दक्षिणी जोन की एसओजी और मोहनलालगंज पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय थीं। रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी रायबरेली में एक रिश्तेदार के घर मौजूद हैं। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि जमीन फर्जीवाड़े के मामले में फरार चल रहे पूर्व प्रधान और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार पूर्व प्रधान राजेश कुमार जायसवाल के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कुल 14 मुकदमे दर्ज हैं। करोड़ों रुपये की जमीन के फर्जीवाड़े के मामले में पिता-पुत्र के फरार होने के बाद से ही पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। दोनों की गिरफ्तारी को मामले में पुलिस की अहम कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जमीन की बिक्री और पूरे मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच आगे बढ़ा रही है।
