नगराम। लखनऊ,नगराम थाना क्षेत्र के छतौनी गांव में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर इंदिरा नहर किनारे बने एक ड्रेनेज नाले में गांव के ही 35 वर्षीय मजदूर युवक रामफेर का शव पड़ा मिला। शव के पास शराब की दो खाली डिब्बियां और दो गिलास पड़े थे, जबकि मृतक का मोबाइल फोन और चप्पलें मौके से गायब थीं। परिजनों ने हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नगराम थाना क्षेत्र के छतौनी गांव निवासी रामफेर की पत्नी मीरा ने बताया कि बीते गुरुवार शाम करीब 7 बजे उसका पति खाना खा रहा था। इसी दौरान उसके मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल रिसीव करने के बाद रामफेर ने पत्नी से कहा कि थोड़ी देर में लौट आऊंगा, जरूरी काम है।इसके बाद वह घर से निकल गया और रातभर वापस नहीं लौटा। जब देर रात तक कोई सुराग नहीं मिला तो पत्नी मीरा,भाई और अन्य परिजनों ने गांव भर में खोजबीन शुरू की,लेकिन रामफेर का कोई पता नहीं चला।शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने इंदिरा नहर किनारे प्लाटिंग साइड के पास नाले में शव पड़ा देखा। ग्रामीणों ने तत्काल नगराम पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त रामफेर के रूप में की। शव के गले के पास और नाक से हल्का खून निकल रहा था, हालांकि किसी स्पष्ट चोट का निशान नहीं दिखाई दिया।परिजनों ने आरोप लगाया कि पड़ोसी से जमीन को लेकर चल रहे विवाद और मुकदमेबाजी के चलते ही रामफेर की हत्या कर शव को फेंका गया है। मृतक के भाई पवन और सुभाष ने कहा कि रामफेर का किसी से कोई व्यक्तिगत झगड़ा नहीं था, लेकिन जमीन विवाद को लेकर परिवार लगातार दबाव में था।सूचना पाकर नगराम थाना प्रभारी विवेक चौधरी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को नाले से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने आसपास से साक्ष्य जुटाए और पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। एसओ नगराम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।रामफेर की मौत की खबर मिलते ही पत्नी मीरा और उसकी वृद्ध मां जनाका का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार मृतक तीन भाइयों में मंझला था। बड़ा भाई पवन और छोटा भाई सुभाष मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। मृतक रामफेर की 13 वर्षीय बेटी प्रियंका और 11 वर्षीय बेटा प्रिंस अभी पढ़ाई कर रहे हैं। अचानक हुए इस हादसे से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।गांव में भी घटना के बाद शोक की लहर है। लोग यह मानने को तैयार नहीं कि मिलनसार स्वभाव का रामफेर इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में अपनी जान गंवा देगा। ग्रामीणों का भी कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
