करोरवा गाँव में अत्याधुनिक तकनीक से विवादित भूमि का हुआ सीमांकन, धारा-24 के तहत किसानों की शिकायतों पर हुई कार्रवाई…….
नगराम।लखनऊ,भूमि संबंधी विवादों के त्वरित, पारदर्शी और सटीक निस्तारण की दिशा में प्रदेश सरकार ने आधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू कर दिया है। सोमवार को मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत करोरवा में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा-24 के अंतर्गत अत्याधुनिक रोवर तकनीक से सीमांकन का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार सुरेंद्र सिंह दिलेर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर किसानों की विवादित भूमि का सीमांकन कराया तथा नई तकनीक की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया।राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राजस्व विभाग में आधुनिक तकनीकों को तेजी से लागू किया जा रहा है, जिससे वर्षों से लंबित भूमि विवादों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान संभव होगा। उन्होंने बताया कि रोवर तकनीक उपग्रह आधारित प्रणाली है, जिससे कुछ सेंटीमीटर तक की सटीकता के साथ भूमि की पैमाइश की जा सकती है। इससे किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक सीमा का सही निर्धारण मिलेगा और भविष्य में पड़ोसी खेतों को लेकर होने वाले विवादों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत करोरवा स्थित गाटा संख्या 1885, 1886 एवं 1887 का सीमांकन प्रारंभ किया गया। धारा-24 के अंतर्गत सीमांकन के लिए ग्राम पंचायत के किसान प्रेमचंद, राजा राम, हरिश्चंद्र, श्यामलाल, पुनवासी, तिलक, मंसाराम, रामशरण तथा रघुराज वर्मा सहित अन्य किसानों ने शिकायती प्रार्थना पत्र दिया था। किसानों की शिकायतों के आधार पर राजस्व विभाग ने मौके पर पहुंचकर रोवर तकनीक से सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कराई।राज्यमंत्री ने सीमांकन के बाद किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से भूमि विवादों का निस्तारण तेजी से किया जाएगा। सीमांकन के बाद किसानों ने प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया।इस मौके पर मोहनलालगंज उपजिलाधिकारी आकाश सिंह, तहसीलदार ऋतुराज शुक्ला, राजस्व निरीक्षक नजमुद्दीन, कानूनगो, लेखपाल, राजस्व परिषद एवं बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। तकनीकी विशेषज्ञों ने रोवर उपकरण के माध्यम से खेतों की पैमाइश कर पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम को देखने के लिए आसपास के गांवों से भी सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान थाना नगराम पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रही।राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रोवर तकनीक लागू होने से सीमांकन के मामलों का निस्तारण पहले की अपेक्षा अधिक तेजी और पारदर्शिता के साथ होगा। इससे न्यायालयों में लंबित भूमि विवादों की संख्या कम होने के साथ किसानों को उनकी जमीन का प्रमाणिक एवं सटीक रिकॉर्ड भी उपलब्ध हो सकेगा।
