मोहनलालगंज, लखनऊ।मोहनलालगंज तहसील में रजिस्ट्री व्यवस्था में किए गए नए प्रशासनिक बदलाव और जारी अधिसूचना के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। नई व्यवस्था को जनविरोधी बताते हुए मोहनलालगंज बार एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी रखा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक सरकार विवादित अधिसूचना को वापस लेकर पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं करती, तब तक उनका लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।
बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता ऋषि द्विवेदी ने सरकार के इस निर्णय पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि नई रजिस्ट्री व्यवस्था से आम नागरिकों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होगी। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को रजिस्ट्री कराने में अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ेगी, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होगी। उन्होंने कहा कि मोहनलालगंज क्षेत्र की जनता वर्षों से स्थानीय उप-निबंधक कार्यालय में सुगमता के साथ रजिस्ट्रियां कराती रही है और पुरानी व्यवस्था पूरी तरह जनहित में थी।ऋषि द्विवेदी ने मांग की कि सरकार तत्काल इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए मोहनलालगंज क्षेत्र की रजिस्ट्रियों का अधिकार केवल स्थानीय उप-निबंधक कार्यालय तक ही सीमित रखे, ताकि आम लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक निर्णय लेते समय स्थानीय परिस्थितियों और ग्रामीण क्षेत्र की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिवक्ता समाज किसी भी अन्यायपूर्ण एवं जनविरोधी निर्णय को स्वीकार नहीं करेगा। जब तक अधिसूचना वापस नहीं ली जाती, तब तक बार एसोसिएशन का आंदोलन और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
मोहनलालगंज बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का कहना है कि उनका आंदोलन केवल अधिवक्ताओं के हितों के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र की आम जनता की सुविधा और अधिकारों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने सरकार से जनहित को सर्वोपरि रखते हुए पुरानी रजिस्ट्री व्यवस्था तत्काल बहाल करने की मांग की है।
