मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के परवर पश्चिम गांव में सरकारी अभिलेखों में दर्ज आबादी एवं उसर भूमि पर खड़े पुराने पेड़ों की कथित अवैध कटाई का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी मिलने पर राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया, जिसमें कई पेड़ों के काटे जाने और क्षतिग्रस्त किए जाने की पुष्टि हुई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील सरोजनीनगर में तैनात लेखपाल सीमा गौतम ने पुलिस को दी गई सूचना में बताया कि परवर पश्चिम गांव स्थित गाटा संख्या 2981 रकबा 0.117 हेक्टेयर भूमि श्रेणी आबादी तथा गाटा संख्या 2982 रकबा 0.208 हेक्टेयर भूमि श्रेणी उसर के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। उक्त भूमि के आंशिक हिस्से पर विभिन्न प्रजातियों के पुराने पेड़ खड़े थे।ग्रामीणों द्वारा पेड़ों की कटाई की शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि तीन यूकेलिप्टस, पंद्रह बबूल, तीन सीरस तथा एक गूलर का पेड़ काट दिया गया अथवा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इस प्रकार कुल 22 पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया।स्थलीय जांच के दौरान ग्रामीण कृष्ण कुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र सिंह ने बयान देते हुए आरोप लगाया कि शंकर पुत्र अज्ञात तथा मुकेश कुमार सिंह पुत्र अज्ञात, दोनों निवासी अज्ञात, द्वारा उक्त पेड़ों की कटाई कराई गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पेड़ों की कटाई बीते 19 फरवरी 2026 को की गई थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों ने रिपोर्ट तैयार कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। राजस्व और वन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा मामले के सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है।
