निगोहां। लखनऊ,निगोहां थाना क्षेत्र के मीरानपुर गांव निवासी एक दलित युवक ने पुलिस उपायुक्त दक्षिणी से शिकायत कर आरोप लगाया है कि उसके साथ जातिसूचक गालियां देते हुए लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया गया, लेकिन निगोहा पुलिस ने घटना की गंभीरता के अनुरूप धाराएं नहीं लगाईं। जानकारी के मुताबिक मीरानपुर निवासी राज कुमार पुत्र स्वर्गीय राम मनोहर ने बताया कि वह अनुसूचित जाति कोरी वर्ग से संबंधित है और मंगटया गांव में मोटरसाइकिल मरम्मत की दुकान चलाता है। आरोप है कि बीते बुधवार को दोपहर करीब एक से दो बजे के बीच वह दुकान से घर भोजन करने जा रहा था। बाइक के साइलेंसर से तेज आवाज आने पर कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। आरोप है कि उसके सिर पर लोहे की रॉड से कई वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और काफी रक्तस्राव होने लगा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर उसकी जान बचाई, जबकि आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।घायल युवक का कहना है कि अस्पताल में उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया, जिसमें गंभीर चोटों की पुष्टि हुई। इसके बावजूद निगोहां पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया, लेकिन घटना की गंभीरता के अनुरूप जानलेवा हमले, जातिसूचक अपमान और अन्य आवश्यक धाराएं नहीं लगाईं। पीड़ित का आरोप है कि यदि समय रहते ग्रामीण बीच-बचाव न करते तो उसकी जान भी जा सकती थी।पीड़ित राज कुमार ने पुलिस उपायुक्त दक्षिणी अमित कुमार आनंद से मिलकर मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की। डीसीपी अमित कुमार आनंद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निगोहां थाना प्रभारी को प्रकरण की जांच कर आवश्यक तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।वहीं, मामले को लेकर निगोहां पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित ने एससी-एसटी एक्ट की प्रासंगिक धाराएं बढ़ाने, मेडिकल रिपोर्ट को केस डायरी का हिस्सा बनाने और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
