बेटे की पिटाई से घायल बुजुर्ग मां और नाबालिक को थाने से लौटाया, एसीपी से लगाई गुहार
लखनऊ। निगोहां थाने की पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। थाना क्षेत्र के गांव सुखना खेड़ा कुसमौरा मजरा की बुजुर्ग महिला सुंदारा देवी अपने ही बेटे की दरिंदगी का शिकार होकर थाने पहुँचीं, लेकिन न्याय के बजाय उन्हें थाने से टालमटोल कर चलता कर दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि उनका बेटा कैलाश, नशे की हालत में न केवल उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करता है, बल्कि 10 वर्षीय नातिन पर भी गलत नजर रखता है। दो दिन पहले कैलाश ने अपनी मां की बेरहमी से पिटाई की, जिससे वह बेहोश हो गईं और ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुँचाया गया। थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी पर गंभीर आरोप जब सुंदारा देवी थाने पहुँचीं तो थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी ने उनकी लिखित शिकायत को पढ़ने के बजाय यह कहकर खारिज कर दिया कि, “इतना बड़ा-बड़ा क्यों लिखा है, यहीं थाने में नया एप्लीकेशन लिखवाओ तभी कार्रवाई होगी।”जब पीड़िता ने बयान बदलने से इनकार किया तो उन्हें यह कहकर चलता कर दिया गया कि, “कोई लड़का ऐसा नहीं करता।महिला की हालत गंभीर होने के बावजूद मेडिकल परीक्षण तक नहीं कराया गया, क्योंकि पुलिस का कहना था कि पहले “मारपीट की सही तहरीर दो” तभी मेडिकल होगा।*एसीपी ने दिलाया भरोसा, फिर भी डर में जी रहा है परिवार*पूरा मामला जब मोहनलालगंज सर्किल के एसीपी रजनीश वर्मा के संज्ञान में आया, तो उन्होंने पीड़िता से बात कर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसीपी का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।हालांकि परिवार को एसीपी के भरोसे से थोड़ी राहत मिली है, लेकिन बुजुर्ग महिला और उसका परिवार अब भी अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं।गांव के लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो मामला और गंभीर नहीं होता। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी अनुज तिवारी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
