
धन्य है वे खिलाड़ी जिन्होंने युद्ध को, खेल के मैदान में बदल दिया- प्रोफेसर धीरेंद्र मणि त्रिपाठी
जिले के प्रतिष्ठित, शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी,नैक द्वारा प्रत्यायित ग्रेड- बी बैसवारा महाविद्यालय मे शारीरिक शिक्षा विभाग के तत्वावधान में शुक्रवार को राष्ट्रीय खेल दिवस मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस के अवसर पर व्याख्यान एवं खेलकूद का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि प्रोफेसर धीरेंद्र मणि त्रिपाठी, जय नारायण मिश्र पीजी कॉलेज लखनऊ ने कहा कि धन्य है वे खिलाड़ी जिन्होंने युद्ध को खेल के मैदान में बदल दिया। प्रोफेसर त्रिपाठी ने मेजर ध्यानचंद से संबंधित विभिन्न स्मृतियों को साझा करते हुए खेल के महत्व रेखांकित किया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर निरंजन राय ने की। प्रोफेसर राय ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए बताया कि खेल व्यक्ति के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। प्रोफेसर राय ने आगे कहा वर्तमान में हमें खानपान के स्तर को सुधारना होगा और कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना होगा । कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रोफेसर बी के भारद्वाज विभागाध्यक्ष शारीरिक शिक्षा विभाग, ने रखी ।प्रोफेसर भारद्वाज ने कहा वर्तमान में पैराडाइज शिफ्ट हो चुका है, खेलोगे कूदोगे तो बनोगे लाजवाब की अवधारणा कार्यान्वित हो रही है ।
महाविद्यालय के प्रबंधक श्री लाल देवेंद्र बहादुर सिंह ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व का विकास होता है । महाविद्यालय परिवार से चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर पुष्पा बरनवाल, प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार सिंह, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र, सहायक आचार्य डॉ. सूर्यकुमार मिश्र ने खेल से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखें ।इस कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक आचार्य भूगोल डॉ. वीरेंद्र कुमार यादव ने किया एवं औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन सहायक आचार्य समाजशास्त्र डॉ. रमेश चंद्र यादव द्वारा किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में सहभागिता की ।
प्राचार्य