असली मालिक की जमीन को अपनी बताकर महिला से वसूले करीब दस लाख रुपये, पुलिस ने गिरोह का किया पर्दाफाश…..
मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज पुलिस ने कूटरचित अभिलेख तैयार कर फर्जी बैनामा करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दूसरे गांव के अभिलेखों में हेरफेर कर खुद को जमीन का मालिक दर्शाया और महिला से करीब 10 लाख रुपये लेकर फर्जी तरीके से बैनामा कर दिया। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता निर्माण कार्य कराने के लिए मौके पर पहुंची और असली मालिकों ने जमीन पर अपना दावा किया।मोहनलालगंज इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि जानकीपुरम विस्तार निवासी अनीता सिंह पत्नी अनिल कुमार सिंह ने थाना मोहनलालगंज में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने 21 जनवरी 2022 को ग्राम सलेमपुर स्थित गाटा संख्या 3116 में प्लॉट संख्या सी-01, क्षेत्रफल 2500 वर्गफुट, वी-वन इन्फ्रा टेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विपिन तिवारी पुत्र श्रीधर तिवारी से खरीदा था। इस जमीन के एवज में उन्होंने 8.50 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से तथा 1.41 लाख रुपये नकद अदा किए थे। उपनिबंधक कार्यालय में विधिवत बैनामा भी पंजीकृत कराया गया था।पीड़िता ने बताया कि जब वह प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंचीं तो वहां मौजूद लोगों ने बताया कि जमीन विक्रेता के नाम नहीं है। जांच करने पर पता चला कि उक्त भूमि के वास्तविक स्वामी रामकुमार पुत्र बालकराम सहित अन्य लोग हैं। जब उन्होंने विक्रेता से इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें धमकाते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।विवेचना के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी विपिन तिवारी ने 3 नवंबर 2021 के एक कूटरचित अभिलेख संख्या 19998 के आधार पर स्वयं को जमीन का स्वामी दर्शाया था, जबकि वास्तविक अभिलेख ग्राम रसूलपुर टिकनियामऊ के गाटा संख्या 480 से संबंधित था। आरोपियों ने अभिलेखों में हेरफेर कर फर्जी स्वामित्व तैयार किया और उसी के आधार पर बैनामा कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि दूसरे आरोपी विपिन तिवारी पुत्र रमेश चन्द्र तिवारी तथा रिंकू राजपूत ने पूरे षड्यंत्र में गवाह बनकर सहयोग किया। तीनों को पूरी जानकारी थी कि जिस जमीन का बैनामा किया जा रहा है, वह उनके स्वामित्व में नहीं है। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में आपराधिक षड्यंत्र की धारा 120-बी भी बढ़ा दी।इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि गुरुवार रात सूचना मिली थी कि तीनों आरोपी अपने-अपने घर आए हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर मुख्य आरोपी विपिन तिवारी निवासी अंसल सुशांत गोल्फ सिटी, विपिन तिवारी निवासी जानकीपुरम विस्तार तथा रिंकू राजपूत निवासी जानकीपुरम विस्तार को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।पुलिस का कहना है कि मामले में यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी फर्जी बैनामे कर धोखाधड़ी तो नहीं की है। यदि ऐसे और मामले सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
