मोहनलालगंज। निगोहां क्षेत्र के मस्तीपुर गांव निवासी समाजसेवी नागेश्वर द्विवेदी के सुपुत्र डॉ. नंद किशोर द्विवेदी ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर महाराजा सुहेलदेव स्वायत्तशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, बहराइच से वर्ष 2020 बैच की एमबीबीएस की पढ़ाई सफलतापूर्वक पूर्ण करने के साथ अनिवार्य इंटर्नशिप भी पूरी कर चिकित्सक बनने का गौरव हासिल किया है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे मोहनलालगंज क्षेत्र, विशेषकर मस्तीपुर गांव में हर्ष और गौरव का माहौल है।डॉ. नंद किशोर द्विवेदी की सफलता पर उनके परिजनों, शुभचिंतकों, शिक्षकों, मित्रों तथा क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नंद किशोर ने अपनी मेहनत और अनुशासन के बल पर यह मुकाम हासिल कर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से क्षेत्र के युवा छात्र-छात्राओं को भी कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा मिलेगी।डॉ. नंद किशोर द्विवेदी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर बनना उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम है। उनका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर, गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और जरूरतमंद मरीजों की निस्वार्थ सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।समाजसेवी नागेश्वर द्विवेदी लंबे समय से क्षेत्र में सामाजिक कार्यों, जनहित के मुद्दों तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए जाने जाते हैं। उनके परिवार की समाज सेवा की इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए डॉ. नंद किशोर भी समय-समय पर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर, रक्तदान जागरूकता, स्वच्छता अभियान तथा गरीब मरीजों की सहायता जैसे सामाजिक कार्यों से जुड़ने का संकल्प व्यक्त कर चुके हैं।क्षेत्र के लोगों का कहना है कि शिक्षा और सेवा का यह संगम आने वाले समय में समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत बनेगा। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि डॉ. नंद किशोर द्विवेदी अपने ज्ञान, विनम्रता और सेवा भाव से चिकित्सा क्षेत्र में नई पहचान बनाएंगे तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
