(कमिश्नर से सभासदो ने लिखित शिकायत कर मोहनलालगंज तहसील के गौरा व मऊ गांवो में सरकारी जमीनो से अवैध कब्जा हटाने की मांग,तीन माह बाद भी नही हटे अवैध कब्जे)
मोहनलालगंज। सरकारी भूमियों के अवैध कब्जेदारो पर इन दिनों तहसील प्रशासन मेहरबान बना हुआ है जबकि कमिश्नर डा.रोशन जैकब के स्पष्ट निर्देशों के तीन माह बाद भी नगर पंचायत मोहनलालगंज के अन्तर्गत अवैध प्लाटिंग कम्पनियों द्वारा सरकारी भूमियों पर राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से किए गए अवैध कब्जों को अबतक खाली नहीं कराया गया है।वही उपजिलाधिकारी बृजेश वर्मा द्वारा तहसीलदार को अवैध कब्जेदारो के विरुद्ध कार्यवाही कराने का पत्राचार कर औपचारिकता का निर्वाहन जरूर किया गया है।नगर पंचायत मोहनलालगंज के मऊ व गौरा गांव में अवैध प्लाटिंग करने वाले प्रापर्टी डीलरों की भरमार है दोनो गांवों में लेखापाल सुशील गुप्ता की तैनाती है,डीलरो द्वारा बेशकीमती सरकारी जमीनों के आस पास के किसानों की जमीनों को चिन्हित कर बिचौलियों के माध्यम से जमीन को खरीदते है या फिर उसका एग्रीमेंट कराकर किसान की जमीन के कब्जे की आड़ में क्षेत्रीय लेखपाल व नगर पंचायत में तैनात आउट सोर्सिंग कर्मचारी अंकुर निगम को मिलाकर सरकारी जमीनों को ट्रैक्टर व जेसीबी चलाकर अपने कब्जे में करने के बाद अवैध प्लाटिंग साइड बना रहे है।जिन जमीनों में राजस्व अभिलेखों में रस्ता नहीं होता है उन पर क्षेत्रीय लेखपाल व नगर पंचायत से साठ गांठ कर बेशकीमती सरकारी जमीनों से बेहिचक रास्ता बना लेते है।ग्रामीणों के शिकायत पर एक-दूसरे का अधिकार क्षेत्र बताकर अपना-अपना पल्ला झाड़ लेते है।मऊ गांव में मिनी स्टेडियम के आस पास सरकारी एवं सुरक्षित श्रेणियों की भूमि को निजी प्लाटिंग कम्पनियों द्वारा क्षेत्रीय लेखपाल सुशील गुप्ता की मिली भगत से अवैध कब्जा कर उसमें प्लाटिंग की जा रही हैं तलाब के नाम दर्ज गाटा सं.1735 तथा सरकारी भूमि गाटा सं.1709,1732,1745,1607,1688,1591,1587 सहित अन्य गाटा संख्या भी शामिल हैं जिसकी शिकायत भाजपा सभासद हिमांशु तिवारी ने दिनांक 27 सितम्बर 2024 को कमिश्नर डा.रोशन जैकब से की थी जिस पर उन्होंने अपने आदेश पत्रांक -17 दिनांक 3 अक्टूबर 2024 को उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज तथा अपर जिलाधिकारी(वि/रा) को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया था कि एक सप्ताह में ग्राम मऊ में 4-5 अतिरिक्त लेखपालों को लगाकर तत्काल ग्रामसभा/सरकारी भूमि का गाटावार सर्वे कराकर चिन्हांकन कराते हुए अवैध कब्जा हटाए इस पर उपजिलाधिकारी बृजेश वर्मा ने दिनांक 10 अक्टूबर 24 तहसीलदार एवं अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत मोहनलालगंज को तीन दिन में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया यही नहीं उपजिलाधिकारी ने लेखपाल सुशील गुप्ता के साथ जाकर प्लाटिंग साइडों का निरीक्षण भी किया और अवैध कब्जों की पुष्टि पर लेखपाल सुशील गुप्ता को फटकार लगाते हुए अवैध कब्जों को ध्वस्त कराने को कहा लेकिन अबतक सरकारी भूमियों का अवैध कब्जा हटाना तो दूर चिन्हांकन की भी कोई कार्यवाही सक्षम अधिकारी द्वारा नहीं की गई है जिससे प्रापर्टी डीलरो के हौंसले बुलन्द है वहीं गरीब लोग डीलरो के शोषण का शिकार हो रहे है। इस प्रकार गौरा गांव के सभासद अखिलेश ने गौरा ग्राम में सुरक्षित श्रेणी (तालाब),चकमर्ग,नाली तथा बंजर में दर्ज कुल दर्जनों गाटा संख्याओं पर अवैध कब्जा तथा अतिक्रमण करने की शिकायत कमिश्नर डा.रोशन जैकब से की थी जिस पर उन्होंने 28 सितम्बर 24 को उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज को एक सप्ताह में चिन्हांकन कर अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया परन्तु इस पर भी उपजिलाधिकारी बृजेश वर्मा ने औपचारिकता के तहत 10 अक्टूबर 24 को तहसीलदार व अधिशाषी अधिकारी नगर पंचायत को तीन दिवस में कार्यवाही हेतु पत्राचार किया।परन्तु तहसील प्रशासन द्वारा अवैध कब्जेदारो के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। उपजिलाधिकारी बृजेश वर्मा का कहना है कि गौरा गांव में स्थाई व अस्थाई अवैध कब्जों का सर्वे कराया जा रहा है वहीं मऊ गांव में निजी प्लाटिंग कम्पनियों द्वारा किए गए बेशकीमती सरकारी भूमियों के अवैध कब्जों को अबतक न हटाए जाने के मामले में कोई भी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
